गंदी शायरी – कुछ तो बाकी है तेरे मेरे



कुछ तो बाकी है तेरे मेरे दरमियाँ ऐ जानेमन;
यूँ ही नही तेरी याद में मेरा लंड खड़ा हो जाता।

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