बहुत गन्दी शायरी – तुम आरजू तो करो मोहब्बत की हम



तुम आरजू तो करो मोहब्बत की

हम इतने भी गरीब नहीं कि… कमरे का जुगाड़ भी ना कर सकें।

5 comments

Comments are closed.